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इंदौर, (सोशल रिपोर्टर) : अक्सर आपने ससुराल में बहुओ पर हो रहे अत्याचार की खबरों के बारे सुना और पढ़ा होगा. मगर आज हम आपको एक ऐसे सास ससुर के बारे में बताने जा रहे है, जिन्होंने न केवल अपनी बहु को बेटी माना बल्कि उसका कन्यादान भी किया. जी हां इस सास ससुर ने वास्तव में सभी लोगो के लिए एक मिसाल कायम किया है. जो लोग अपनी विधवा बहुओ को घर से बाहर निकाल देते है, उन्हें इस खबर को एक बार जरूर पढ़ना चाहिए. हो सकता है कि इसे पढ़ने के बाद उनके अंदर की इंसानियत जाग जाएं. बता दे कि इस सास ससुर ने न केवल अपनी विधवा बहु को बेटी बना कर उसका कन्यादान किया बल्कि उसे नए ससुराल में भी विदा किया.Image result for सास ससुर ने बहू को किया विदा

दरअसल हम यहाँ जिस ससुर की बात कर रहे है, उनका नाम विजय चंद है. जो बालावाला के रहने वाले है. जिन्होंने साल 2014 में अपने बेटे को शादी कविता नाम की लड़की से करवाई थी. गौरतलब है कि बेटे की शादी करने के बाद इनके परिवार में सब कुछ सही चल रहा था. कोई भी तकलीफ नहीं थी. मगर फिर अचानक कुछ ऐसा हुआ जिससे इनका परिवार बिखर गया. यानि अगर हम सीधे शब्दों में कहे तो इनके परिवार को वास्तव में किसी की बुरी नजर ही लग गई थी. दरअसल हरिद्वार में एक हादसे के दौरान इनके बेटे संदीप का देहांत हो गया. अब जाहिर सी बात है कि जवान बेटे के दुनिया छोड़ जाने के बाद किसी भी माता पिता की हालत का दयनीय होना लाजिमी है.Image result for सास ससुर ने बहू को किया विदा

मगर इन हालातो में भी विजय चंद और उनकी पत्नी ने अपनी बहु को हिम्मत दी और संदीप का गम भुलाने में उसकी मदद की. वही कविता का कहना है कि इस हादसे के बाद वह अपने मायके जाने की सोच रही थी, लेकिन फिर उसे अपने माता पिता समान सास ससुर का ख्याल आया. जिसके कारण उसने मायके जाने के बारे में फिर कभी नहीं सोचा. दरअसल कविता यह समझ गई थी कि उसके मायके जाने के बाद उसके सास ससुर एकदम अकेले हो जायेंगे. ऐसे में कविता ने अपने पति के दुनिया छोड़ जाने के बाद अपने सास ससुर का खूब ख्याल रखा. वही दूसरी तरफ कविता के सास ससुर ने उसकी सहमति के बाद ही उसके लिए लड़का ढूँढना शुरू कर दिया.Image result for सास ससुर ने बहू को किया विदा

बता दे कि उन्होंने कविता के लिए एक बेहद ही अच्छा लड़का भी ढूंढ लिया. जिसका नाम तेजपाल सिंह है. जो ऋषिकेश का रहने वाला है और एक निजी कम्पनी में काम करता है. जी हां तेजपाल सिंह पर आकर ही विजय चंद और उनकी पत्नी की लड़का ढूंढने की तलाश खत्म हुई. बरहलाल तेजपाल सिंह के परिवार को भी इस शादी से कोई ऐतराज नहीं था. बता दे कि दोनों परिवारों की अनुमति के बाद ही कविता और तेजपाल सिंह की शादी संपन्न हुई. वही विजय चंद ने भी कविता को अपनी बेटी मान कर उसका कन्यादान किया और भीगी पलको के साथ उसे विदा किया.

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